हिंदी व्याकरण

लोकोक्तियाॅं अर्थ सहित | Lokoktiyan in Hindi 

1. अपने मॅुंह मियाॅं मिट्ठू बनना
अर्थ:- अपनी प्रशंसा स्वयं करना
वाक्य:- एक विद्वान को अपने मुॅंह मियाॅं मिट्ठू बनना शोभा नहीं देता है।

2. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है
अर्थ:- अकेला व्यक्ति कुछ भी नहीं कर सकता है
वाक्य:- जब तक सभी मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे तब तक यह समाप्त नहीं हो सकता। कहा भी है अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता है।

3. आ बैल मुझे मार
अर्थ:- जान-बूझकर संकट में पड़ना
वाक्य:- जिस कार्य को आप स्वयं नहीं कर सकते हो उसे अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए, वरना आ बैल मुझे मार वाली बात होती है।

4. आटे दाल का भाव मालूम होना
अर्थ:- कठिनाई अनुभव होना
वाक्य:- जब से जिम्मेदारियाॅं अपने सिर पर आई है तब से आटे दाल के भाव मालूम हो गए है।

5. आधा तीतर आधी बटेर
अर्थ:- एक मत का न होना
वाक्य:- इस गांव के सभी लोग लालची है सभी आधे तीतर आधी बटेर जैसे है

6. अपनी-अपनी ढपली अपना-अपना राग
अर्थ:- मनमानी करना
वाक्य:- एक परिवार में रहते हुए हमें माता पिता की बातों के सामने अपनी-अपनी ढपली अपना-अपना राग नहीं करना चाहिए।

7. अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत
अर्थ:- समय निकल जाने पर पश्चात्ताप करने का कोई फायदा नहीं
वाक्य:- समय रहते हमें परीक्षा की तैयारी कर लेनी चाहिए बाद में तो अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत जैसे हल होते है।

8. अंधेर नगरी चौपट राजा
अर्थ:- कोई व्यवस्था न होना
वाक्य:- गांव में भृष्ट नेता के आते ही सारी कानून व्यवस्था ठप्प हो गई। तभी से जिले में अंधेर नगरी चौपट राजा वाला हाल हो रहा है।

9. अधजल गगरी छलकत जाय
अर्थ:- कम गुण वाला व्यक्ति दिखावा बहुत करता है
वाक्य:- मोहन सोहन से:- यार इस श्याम का तो बस ऐसा हल है कि अधजल गगरी छलकत जाय।

10. ऊंट के मुॅंह में जीरा
अर्थ:- आवश्यकता के बदले कम वस्तु प्राप्त होना
वाक्य:- ग्रेट खली को केवल दो रोटी खिलाना ऊंट के मुॅंह में जीरे के समाना है।

11. ऊंची दुकान फीका पकवान
अर्थ:- केवल ऊपरी दिखावा करना
वाक्य:-आजकल कंपनियां झूठे विज्ञापन दिखाकर ग्राहकों को लूटते हैं। वास्तव में तो इनकी ऊंची दुकान फीका पकवान होता है।

12. एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा
अर्थ:- एक दोष होने के साथ ही साथ दूसरा दोष भी होना।
वाक्य:- मोहन पहले सिर्फ छोटे-छोटे नशे करता था लकिन अब तो उसने शराब पीना भी शुरू कर दिया है। यह तो वही हुआ कि एक करेला दूसरे नीम चढ़ा।

13. एक ही थैली के चट्टे बट्टे
अर्थ:- एक जैसे स्वभाव वाले
वाक्य:- दोनों दोस्त ही एकदम धोखेबाज हैं। दोनों एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं।

14. एक अनार सौ बीमार
अर्थ:- वस्तु कम, माॅंगने वाले ज्यादा
वाक्य:- आजकल तो एक पोस्टमैन के पद के लिए भी एक अनार सौ बीमार जैसे हाल है।

15. घर की मुर्गी दाल बराबर
अर्थ:- आसानी से प्राप्त होने वाली वस्तु की कोई कीमत नहीं
वाक्य:- श्याम एक अच्छे रहिस परिवार से है उसके लिए इतनी महंगी गाड़ियां घर की मुर्गी दाल बराबर है।

16. ढाक के तीन पात
अर्थ:- कोई परिवर्तन न होना
वाक्य:- यार रोहन, श्याम की तो शादी हो जाने के बाद भी उसे अक्ल नहीं आई। उसके हल तो ढाक के तीन पात जैसे है।

17. थोथा चना बाजे घना
अर्थ:- काम कम बातें ज्यादा
वाक्य:- उस मुर्ख को आता जाता कुछ नहीं है, व्यर्थ ही विद्वानों की भाषा बोलता है, क्योंकि कहा गया है- थोथा चना बाजे घना।

18. नाच न जाने आॅंगन टेढ़ा
अर्थ:- काम करना नहीं आना और बहाने बनाना
वाक्य:- रमेश तो सिर्फ बस दूसरों की गलती निकालना जानता है उसका हाल तो नाच न जाने आॅंगन टेढ़ा जैसा है|

19. एक तवे की रोटी, क्या छोटी क्या मोटी
अर्थ:- कोई भी भेदभाव नहीं होना
वाक्य:- नेताओं को सभी जनता को एक तवे की रोटी, क्या छोटी क्या मोटी की तरह देखना चाहिए|

20. न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी
अर्थ:- न पूरी होने वाली शर्त
वाक्य:- दूल्हे ने कहा मैं तो तब शादी करूंगा जब मेरे लिए हवाई जहाज आ जाएगा। यह तो वही हुआ कि न नौ मन तेल होगा न राधा नाचेगी।

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