हिंदी व्याकरण

संज्ञा की परिभाषा और 5 भेद | Sangya Ki Paribhasha

दोस्तों इस पोस्ट में आज हम संज्ञा की परिभाषा (Sangya Ki Paribhasha ) और उसके भेद के बारे में पढ़ेंगे| दोस्तों आपने देखा होगा की किसी न किसी प्रतियोगिता में संज्ञा की परिभाषा और भेद या फिर उदहारण के बारे में पूछा जाता है | आज हम इस पोस्ट में आपके लिए संज्ञा के कुछ उदहारण ले कर आये हैं जिससे आप संज्ञा के उदहारण को अच्छे से समझ पाओगे | दोस्तों सबसे पहले हम पढ़ेंगे की संज्ञा क्या होती है और उसके कितने भेद है?

संज्ञा किसे कहते हैं? संज्ञा की परिभाषा  –

किसी व्यक्ति, जाति, नगर, पशु, वस्तु, स्थान आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं | जैसे – दिल्ली, पशु, मिठास

संज्ञा के भेद निम्नलिखित हैं –

1.व्यक्तिवाचक – जो शब्द किसी विशेष व्यक्ति, स्थान आदि का बोध कराये उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं | व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष का बोध करती है | सामान्य का नहीं प्रायः व्यक्तिवाचक संज्ञा में व्यक्तिओं, देशों, शहरों, नदियों, समाचार पत्रों, दिनों, महीनों, पर्वतों, त्योहरों, पुस्तकों दिशाओं आदि के नाम आते हैं | – कृष्ण, दिल्ली, गंगा |
कृष्ण – किसी एक व्यक्ति का बोध हो रहा है |
दिल्ली – किसी एक शर का बोध हो रहा है |
गंगा – किसी एक नदी का बोध हो रहा है |

2.जातिवाचक – जिस संज्ञा शब्द से किसी जाति के सम्पूर्ण प्राणियों, वस्तुओं, स्थानों आदि का बोध होता हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं और (जो शब्द किसी सम्पूर्ण जाति का बोध कराये, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं |) जैसे – स्त्री, पुरुष, पशु नगर आदि |
उदहारण के तौर पर कुत्ता, शहर, फल |
कुत्ता– कुत्तों की जाति का बोध हो रहा है |
शहर – शहरों का बोध हो रहा है |
फल – फलों का बोध हो रहा है |

जब हमने कुत्ता कहा तो इसका मतलब हुआ बहुत उसकी जाति के बारे में बात कर रहे हैं हम यहाँ किसी एक फिक्स कुत्ते की बात नहीं कर रहे है|
शहर – हम किसी एक शहर का नाम नहीं ले रहे हैं |
फल – जब हम किसी फल की बात कर रहे है तो वह कोई भी फल हो सकता है |

3.भाववाचक – जो शब्द किसी के धर्म, अवस्था, भाव, गुण-दोष आदि को प्रकट करें, उससे भाववाचक संज्ञा कहते हैं |
जैसे – मिठास, मानवता, सत्यता आदि |

4.द्रव्यवाचक संज्ञा – जिन संज्ञा शब्दों से किसी धातु द्रव आदि पदार्थों का बोध हो उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहते है | जैसे :- तेल, सोना, चांदी, चावल, कोयला |
उदहारण के तौर पर जिन वस्तुओं को हम नाप तोल सकते है उसे द्रववाचक संज्ञा कहते हैं

5.समूहवाचक – जिन संज्ञा शब्दों से व्यक्तिओं के समूह वस्तुंओ का बोध हो उसे समूहवाचक संज्ञा कहते है |
जैसे :- सभा, कक्षा, सेना, पुस्तकालय
उदहारण के तौर पर जब वस्तु या व्यक्तिओं का समूह बने उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं |

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